KYC क्या है? आजकल हर जगह KYC जरूरी क्यों है? KYC के लिए Valid Document - AdviceSagar
केवाईसी दिशानिर्देशों का उद्देश्य मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों के लिए जानबूझकर या अनजाने में बैंकों को इस्तेमाल होने से रोकना है। संबंधित प्रक्रियाएं बैंकों को अपने ग्राहकों और उनके वित्तीय व्यवहार को बेहतर ढंग से समझने में सक्षम बनाती है। आज न केवल बैंक बल्कि विभिन्न ऑनलाइन व्यवसाय भी केवाईसी को लागू कर सकते है।
आपको KYC करवाने के लिए ज्यादा दिक्कत लेनी नहीं पड़ेगी, बस आपको कोई Government issued कोई valid document देना होगा । बाकी के process वे पूरा कर लेंगे । आप KYC के लिए अपना कोई भी document किसी fraud कंपनी को ना दें इससे वे आपके डॉक्यूमेंट का गलत उपयोग भी कर सकते हैं ।
KYC एक प्रकार की valid पहचान proof की प्रक्रिया होती है । यह एक जरूरी प्रक्रिया है । इस प्रक्रिया के दौरान चेक किया जाता है कि कहीं Banking , Insurence , wallet apps या अन्य सुविधाओं का दुरुपयोग ना हो जाए । समाज में कई असामाजिक तत्व होते हैं जो हमेशा किसी चीज के दुरुपयोग से किसी का नुक़सान करने की सोचते हैं । KYC process द्वारा ऐसे घटनाओं से बचा जा सकता है ।
KYC का मतलब होता है अपने कस्टमर को जानना । विभिन्न प्रकार के सामाजिक सेवा जैसे बैंकिंग , Mobile number का उपयोग , Insurece , credit और dabit card आदि सुविधाओं के लिए kyc जरूरी होता । ये बहुत ही sensetive चीजें होती है जिनका प्रयोग से धोखाधड़ी हो सकता है ।
ऐसे परिस्थितियों से बचने के लिए Banks , Sim कंपनी , Insurence componies आपको KYC के लिए कोई Government issued id proof मांगती है । जिससे बैंक यह चेक कर सके कि आपकी द्वारा दी गई जानकारियां सही है क्योंकि आपके उस identity proof में आपसे संबंधित पूरी जानकारी होती है ।
आजकल आधार कार्ड ( Aadhar card ) बहुत प्रचलित document है और इसका उपयोग आप सभी जगहों में कर सकते हैं । इस एक आधार कार्ड से आपका बहुत से जानकारियां verify हो जाती हैं जैसे - नाम (name) , पिता का नाम (father's name), जन्मतिथि ( date of birth), पता (address) , photo आदि । इसके अलावा कुछ अन्य document भी इन चीजों को वेरिफाई करते हैं ।
आप KYC की लिए विभिन्न प्रकार के gornment द्वारा जारी किया गया documents का उपयोग कर सकते हैं , लेकिन कुछ जगह कोई एक documents का होना जरूरी होता है और कई बार आपको एक से अधिक document मांगा जा सकता है । कई बार एक से अधिक proof मांगा जाता है क्योंकि एक document से सभी चीजें verify नहीं हो पाती हैं ।
यहां कुछ डॉक्यूमेंट की लिस्ट दी गई है , टॉप 5 document को ज्यादातर मांगा नीचे के 6 नंबर से लेकर 9 नंबर के document सभी जगह काम नहीं आती हैं । लगभग हर जगह आप आधार कार्ड का प्रयोग कर सकते हैं । अगर आपको एक से अधिक document मांगा जाता है तो आप इनमें से provoid कर सकते हैं ।
KYC की process के लिए आपके तरफ से केवल कोई valid document और कुछ अन्य चीजें देनी पड़ेगी । बैंक और नया mobile नंबर खरीदने के समय आपके singnature मांगा जाता है । बाकी की process office का कार्य होता है अर्थात् वे बाकी प्रोसेस संभाल लेंगे जिसमें identity verification की जाती है ।
सवाल : मैंने अपना केवाईसी नहीं करवाया हैं। पर मैं बैंक या म्यूच्यूअल फंड्स में निवेश करना चाहता हैं। क्या मैं ये KYC के बिना कर सकता हैं?
जवाब : नहीं, आपको निवेश करने से पहले अपना केवाईसी पूरा करना होगा।
सवाल : KYC verification कराने में कितना समय लगता हैं?
जवाब : आम तौर पर KYC verification होने में एक दिन से भी कम का समय लगता हैं। हालाँकि केवाईसी वेरिफिकेशन होने का अधिकतम समय 7 तक का हो सकता हैं।
सवाल : जब मैंने पहली बार निवेश किया तो मैंने अपना KYC करा लिया था। अब मैं दोबारा निवेश करना चाहता हूँ तो क्या मुझे फिर से अपना केवाईसी कराना होगा?
जवाब :अगर आपने SEBI द्वारा Approved किसी भी संसथान से इ बार अपना केवाईसी करा लिया हैं तो आपको फिर से वो कराने की आवश्यकता नहीं होगी। KYC शुरुआत में एक अबर ही कराना जरुरी होता हैं जब आप पहली बार निवेश करते हैं।
उम्मीद है आप समझ गए होंगे कि KYC क्या होता है ? साथ ये भी समझ गए होंगे कि KYC जरूरी क्यों होता है । KYC के लिए सबसे ज्यादा उपयोग में लाई जाने वाली document आधार कार्ड है पर ऐसा भी नहीं है कि आप केवल आधार कार्ड दें इसके अलावा आप कुछ अन्य document दे सकतें है अगर कुछ जगह आधार कार्ड होना अनिवार्य होगा तब आपको आपका आधार कार्ड देना होगा ।
अगर आपको KYC से संबंधित कोई भी परेशानी अर्थात् कोई सवाल है तो आप नीचे comment करके पूछ सकते हैं ।