Payment Gateway क्या है और इसे कैसे बनाए?
नमस्कार दोस्तों तो आज के इस post में आपको बताने वाला हूँ की Payment Gateway क्या है और इसे कैसे बनाए? (What is online payment gateway in hindi) उसके क्या फायदे है और सबसे best payment gateway कौनसा है. तो आप जरूर इस post को ध्यान से पढ़ना क्यूंकि इस post में मैंने हर वो चीज़ Explain की है जो आपके बहुत काम आ सकती है. ये post लिखने के पीछे ये reason है की आज कल बहुत सारे लोग Online Business शुरू कर रहे है. और अगर उनमे से अगर आप भी है तो आपको इसके के बारे में जरूर पता होना चाहिए. तो जब Online Business की बात आती है तो payment का भी उसमे बहुत बड़ा हाथ है. तो जब payment की बात आती है तो उसमे online और offline दोनों तरह के रास्ते होते है. तो चलिए दोस्तों अब हम देखते है की ये payment gateway क्या है.
आप सभी को थोड़ा बहुत पता होगा की online पैसों की लेनदेन कैसे करते है. पर ये online payment की लेन देन कैसी होती है और उसके पीछे कौनसे application काम करते है? ये हमें पहले जान लेना चाहिए. तो में आपको उदाहरण के साथ इसके के बारे में बताता हूँ जिससे आपको ये पूरी process ठीक से समज में आ जाएगी. आप सभी लोग Flipkart, Amazon जैसी website के बारे में जानते है की ecommerce website में इनका बहुत बड़ा platform है. जब कभी भी आप कोई product या फिर service को online खरीदना चाहते है तब आपके सामने एक option आता है, Buy Now. तो इसका मतलब होता है की आपने जो product या फिर service select की है वो आप खरीदना चाहते है या नहीं. तो अगर आप खरीदना चाहते है तो आप उस Buy Now बटन को दबाते है तो उसी समय आपके सामने एक payment form खुल जाता है. जिसमे आपको अपनी पूरी जानकारी डालनी पड़ती है. जैसे credit card details और अन्य. तो information भरने के बात आप place order या फिर submit पर क्लिक करते है. उसके बाद आपने भरी हुई details उसके पास पहुँच जाती है जो वो e-commerce website चला रहा है. तो ये सभी information payment gateway के मदद से e-commerce owner के पास चली जाती है. तो ये खरीदने से लेके submit करने तक ये जो process होती है इसके बीच में एक application का काम होता है उसे ही payment gateway कहते है.
ऐसी बहुत सारी companies है जो ये service provide करती है. जिसमे ये companies को हमें per transaction के हिसाब से शुल्क pay करना पड़ता है. हर Company के transaction charges अलग अलग होते है. Payment gateway एक सुरक्षित तरीके से पैसा को transfer कर सकते है और customer, Bank और e-commerce website के बीच में जो ये पैसे की लेन देन होती है Payment gateway कहते है.
यहाँ पर में आपको एक बात clear करना चाहता हूँ की payment gateway की जरुरत customer को नहीं पड़ती. जो e-commerce service provide करता है, उसे के लिए ये जरुरी है.
तो ये सभी जानकारी पढ़ने के बाद आपका ये doubt तो clear हो गया होगा की जो ये Flipkart और Amazon जैसे बड़ी ecommerce company customer से पैसे कैसे लेते है. अगर आप को भी ecommerce business करना है तो आपको payment gateway लेना ही पड़ेगा.
जब हम अपना खुदका online store या फिर online business करना चाहते है तब हमे इसकी जरुरत पड़ सकती है. इसलिए जब हम अपने किसी product को अपनी ecommerce website पर बेचते है और वो product के पैसे हम customer से online लेना चाहते है तभी इस payment gateway का काम शुरू होता है और उसी वक्त आपको gateway की जरुरत पड़ सकती है. अगर आप अपना कोई भी product online बेचना चाहते हो जैसे की music cd, Ebooks, Electronic product तो भी आप payment gateway बना सकते है.
ये मुख्य रूप से user के पैसे को merchant के account तक पहुँचाने का काम करता है. उसके के बीच में कुछ steps है वो आप को में बताता हूँ तो इसके बाद आपको payment gateway का काम पता चल जाएगा.
Hosted payment gateway में ग्राहक को आपकी website के checkout page से दूर निर्देशित करते हैं. आप ने देखा होगा की जब कभी आप online payment करते है तो payment complete होने के बाद फिर से आपको website पर redirect किया जाता है. ये Process hosted payment में होती है. जब ग्राहक link पर क्लिक करता है, तो उन्हें Payment Service Provider (PSP) page पर redirect किया जाता है. इसका सबसे प्रसिद्ध उदाहरण PayPal है.
ये पेमेंट gateway बहुत ही Secure transaction करता है और आम तौर पर ग्राहक धोखाधड़ी की सुरक्षा प्रदान करते हैं. ज्यादातर users इस प्रकार के payment gateway से परिचित हैं, और इसका setup करना भी आसान होता है.
इस type के payment gateway में merchant(व्यापारी) websites के भीतर ग्राहक से payment details को जमा करते है. सभी payment जानकारी जमा होने के बाद एकत्रित data को payment gateway के URL पर भेजा जाता है. बहुत से ऐसे gateway होते है जिन्हे एक विशिष्ट प्रारूप में प्रदान करने की आवश्यकता होती है जबकि अन्य को hash key या फिर secrete key की आवश्यकता होती है. इसका सबसे प्रसिद्ध उदाहरण Shopify है
ये gateway का फायदा ये है की अच्छा ग्राहक अपनी payment पूरा लेनदेन एक ही स्थान पर पूरा कर सकता है. और अगर नुकसान की बात करे तो आम तौर पर self-hosted किए गए gateway में तकनीकी सहायता team नहीं होती है, जिससे आप system पर असफल होने के संभावना बढ़ती है. आपको खुद को समझना होगा की इस समस्या को स्वयं कैसे हल करें या फिर आपको एक professional को किराए पर लेना पड सकता है जो महंगा हो सकता है.
API payment gateway में ग्राहक सीधे अपने merchant के checkout page पर credit या debit card की जानकारी दर्ज कर सकते है. और जो भी पैसे की transaction होगी वो ये API(Application Programming interface) की मदद से होगी. इसमें HTTPS (Hypertext transfer protocol) प्रश्नों का उपयोग भी किया जाता है.
ये gateway का फायदा ये है की ग्राहक के अनुभव के नुसार payment के लेन देन पर पूर्ण नियंत्रण होता है. और ये payment gateway का Mobile, Tablet आदि के साथ भी उपयोग किया जा सकता है. केवल Security के दॄष्टि से देखे तो इसके लिए SSL(Secure service layer) certificate खरीदनी पड़ती है और ये जिम्मेदारी merchant की होती है.
इस payment gateway में ग्राहक को Payment gateway की website (बैंक की वेबसाइट) पर redirect किया जाता है जहाँ वे अपना payment details और contact details दर्ज कर सकते है. payment करने के बाद, ग्राहक को redirection पर भेजे गए payment अधिसूचना data के साथ merchant website पर वापस redirect किया जाता है.
इसका setup करना बहुत ही आसान होता है और तुरंत हो जाता है. इसका उपयोग छोटे व्यवसायों के लिए अच्छा है. जिन्हें साधारण एक-बार(one-time payment) संरचना की आवश्यकता होती है.
तो ये सभी Payment gateway के types देखने के बाद आपको ये तो समझ आ गया होगा की कौनसा Payment gateway किस तरह का काम करता है.
Step 1: सबसे पहले तो आपको ये समझना होगा की आपका Business model क्या है क्यूंकि payment gateway का काम पूरी तरह से आपके business model पर depend है. अभी मैंने आपको जो उपर payment gateway के types बताये है उसके साथ आप compare कीजिए और उसके बाद decide कीजिए.
Step 2: इसके बाद आप जिसका भी payment gateway इस्तेमाल करने जा रहे है वो Company per transaction कितना Percentage (%) चार्ज लेते है वो ध्यान से देखके select कीजिये.
Step 3: साथ ही आप ये भी देख लीजिए की जो payment gateway select किया है वो इस्तेमाल करने के लिए कितना आसान है. उसका Interface User Friendly है या नहीं. उसके बाद उसे mobile के साथ सभी device के साथ इस्तेमाल कर सकते है या नहीं ये भी ध्यान से देखे.
Step 4: Payment gateway में payment की लेन देन के लिए कौन से options available है वो देखे. जैसे की (Credit/Debit Cards, Net banking, Mobile Wallets, UPI). जिससे customer को payment करने में ज्यादा दिखत ना हो और वो आसानी से pay कर सखे.
Step 5: और आखिर में सबसे ज्यादा जरुरी है की आप जिसका भी gateway इस्तेमाल करने जा रहे है उनका customer support अच्छा है या नहीं वो देखे. जैसे की (Email support, २४ hour support). उसके बारे में reviews देखे.
तो ये सभी मुद्दे आप अपने payment gateway में देखे उसके बाद ही select करे.
अगर आपको जानना है की India के TOP 5 payment gateway company कौनसे है तो आप नीचे दिए गए link पर जाकर post पढ़ सकते है. मुझे ये post ज्यादा लम्बी नहीं बनानी थी. इससे आपको भी समझने में दिखत आ जाती. इसलिए मै आपके साथ step by step जानकारी share करूँगा.
आशा करता हूँ की इस लेख से आपको Payment Gateway क्या है और इसे कैसे बनाए? से जुडी सभी जानकारी मिल गयी होगी. अगर आपको अपने website के लिए payment gateway services की जरुरत पड़ती है तो आप हमारे लेख की सहयता से बताई गयी जानकारी को Follow करके आप अच्छा Payment gateway create कर सकते है. अगर आपको इसके के बारे में और कुछ जानकारी चाहिए तो आप मुझे comment box में बेझिझक सवाल पूछ सकते है, मुझे आपके सवालों का समाधान करने में बहुत ख़ुशी होगी. अगर आपको लगता है की मेरा ये लेख सचमुछ काम का है और दूसरों की मदद कर सकता है तो कृपया इस post को Facebook, Google+ और Twitter इत्यादि पर share कीजिये.