Depression Treatment डिप्रेशन को कैसे कण्ट्रोल करें
फ्रेंड्स आज कल की लाइफ स्टाइल और खान – पान की वजह से तनाव और टेंसन होना एक आम बात है| ज्यादातर लोगों में ये तनाव समय के साथ ख़त्म हो जाता है| लेकिन कुछ लोग इस तनाव को अपने जीवन का हिस्सा बना लेते हैं| और फिर वही तनाव, Depression के रूप में हमारी लाइफ का हिस्सा बन जाता है| तनाव को पालने से वो बड़ा होकर डिप्रेशन का रूप ले लेता है| और फिर धीरे – धीरे हमारी लाइफ को तबाह करने लगता है|
लेकिन थोड़ी सी सावधानी हमें डिप्रेशन से बचा सकती है| डिप्रेशन से बचने के लिए इसके बारे में प्रॉपर जानकारी होनी बहुत जरूरी है| इसलिए आज इस पोस्ट में मैं डिप्रेशन के बारे में पूरी जानकारी शेयर कर रहा हूँ| जैसे – डिप्रेशन क्या है, इसके लक्षण क्या हैं, इससे कैसे बचा जाये और Depression Treatment कैसे किया जाये|
डिप्रेशन हमारे दैनिक जीवन में कई तरह की समस्याओं के लिए हमारे शरीर द्वारा की गयी बायोलॉजिकल क्रिया है| जिसे हम टेंशन या तनाव के नाम से जानते हैं| परन्तु जब यह लम्बे समय तक बना रहे और हमारी आदत का हिस्सा बन जाए| उस कंडीशन में यह खतरनाक बीमारी बन जाता है|
जब कोई व्यक्ति काफी लम्बे समय तक अपने आपसे नाराज रहता है| तो हमारे मस्तिष्क में पाया जाने वाला सेरोटोनिन – केमिकल असंतुलित हो जाता है| और इस केमिकल की कमी होने से व्यक्ति हर वक्त उदास रहने लगता है| शरीर द्वारा की गयी इस बायोलॉजिकल क्रिया को ही डिप्रेशन कहते है|
डिप्रेशन के शिकार हर व्यक्ति में कुछ इस तरह के Symptoms देखने को मिलते हैं|
डिप्रेशन एक मानसिक बीमारी है जो कि मस्तिष्क में केमिकल के असंतुलन की वजह से हो जाती है| और यह केमिकल असंतुलित होता है हमारी सोंच, और हमारी फीलिंग्स से| इसलिए हर वो चीज जो हमारी सोंच, हमारी फीलिंग्स को प्रभावित करती है डिप्रेशन के लिए जिम्मेदार हैं| गलत लाइफ स्टाइल के साथ ये कुछ अन्य वजहें हैं जो डिप्रेशन को जन्म देती हैं|
कोई भी घटना जो हमारे साथ घटित होती है उसके बारे में हमारा रिएक्शन ही डिप्रेशन के लिए रेस्पोंसिबल है| इसलिए हमेशा याद रखें! लाइफ में जिन चीजों पर हमारा कोई कण्ट्रोल न हो| उस बारे में सोंच – सोंच कर ज्यादा परेशान न हों| तनाव के समय पॉजिटिव होना बहुत जरूरी होता है|
इसलिए जब भी आपके दिमाग में कोई नेगेटिव थॉट्स बार – बार आये| तो अपने मूड को पॉजिटिव थॉट्स की ओर चेंज कर लें| अपने मूड को चेंज करना बहुत मुश्किल काम नहीं है| लेकिन चूँकि हमें इस बारे में पता ही नहीं होता इसलिए हम कभी ऐसा करने की कोशिश ही नहीं करते|
लेकिन एक बार जब हम इस बारे में अवेयर हो जाते हैं| तब हम कोई न कोई ऐसी वजह ढूंढ ही लेते हैं जो हमारे मूड को अच्छा कर देती है| जैसे कि तनाव के बारे में अपने किसी करीबी से बात करना| और अपने थॉट्स को कहीं पर लिख लेना| इन सब चीजों से हमारा तनाव कम हो जाता है|
लाइफ में अच्छी – बुरी घटनाएँ सभी के साथ होती हैं| लेकिन उन चीजों के हो जाने के बाद आप अपने आप को कैसे Convince करते हैं| किस तरह से सँभालते हैं ये चीज आपके मूड को बनाती और बिगाडती है| क्यों कि जो हो गया है, उसे कोई नहीं बदल सकता| इसलिए उस बारे में सोंचते रहने से शिवाय नुक्सान के कोई फायदा नहीं होगा|
जो लोग बीती हुई घटनाओं या बातों को न भूलकर उन्हीं से चिपके रहते हैं और बार – बार उसी बारे में सोंचते रहते हैं| वही लोग डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं| इसलिए जो हो गया उसे छोड़कर आगे बढ़ने में ही समझदारी है| इस दुनिया में बहुत से ऐसे उदहारण मिल जायेंगे| जिन्होंने अपना सबकुछ खोने के बाद भी हार नहीं मानी, और आगे बढे|
गलतियाँ सभी से होती हैं लेकिन सकारात्मक सोंच वाले लोग उन गलतियों से सीखकर आगे बढ़ जाते हैं| जबकि कुछ लोग उन्ही गलतियों के लिए खुद को दोषी मानकर पूरा जीवन अपराध बोध में जीते रहते हैं| इसलिए दूसरों के साथ – साथ खुद को माफ़ करना भी बहुत जरूरी है| अपने विचारों और फीलिंग्स में थोडा सा बदलाव लाकर हम आसानी से डिप्रेशन से बच सकते हैं|
फ्रेंड्स जब भी किसी बीमारी या परेशानी के ट्रीटमेंट की बात आती है| तो हम सभी लोग क्विक रिलीफ की तरफ भागते हैं| और हर एक प्रॉब्लम के लिए मेडिसिन्स लेना शुरु कर देते हैं| लेकिन ये तुरत – फुरत वाले Solutions जुकाम – बुखार के लिए ही उपयोगी होते हैं|
क्योंकि जब बात किसी ऐसी समस्या की हो जो आपके थॉट प्रोसेस से जुडी हो| तो उसके परमानेंट सलूशन के लिए भी हमें अपने थॉट प्रोसेस में बदलाव करने पड़ते हैं| और डिप्रेशन हमारे थॉट प्रोसेस से जुडी हुई मानसिक समस्या है|इसलिए इस समस्या को हम अपनी थॉट प्रोसेस में थोडा से चेंज करके आसानी से ठीक हो सकते हैं|
इसलिए डिप्रेशन को दूर करने के कुछ आसान से उपाय हैं जिनके द्वारा आसानी से डिप्रेशन से बाहर आया जा सकता है| जैसे कि:-
वैसे तो रोज कम से कम बीस मिनट exercise सभी के लिए आवश्यक है| परन्तु जो लोग डिप्रेशन से परेशान हैं उन्हें हर हाल में रेगुलर Exercise करनी चाहिए| क्योंकि Exercise करने से हमारे अन्दर की नेगेटिव एनर्जी बाहर निकल जाती है| और दिमाग में कुछ ऐसे केमिकल्स रिलीज़ होते हैं जो हमें अच्छा महसूस करने में मदद करते हैं|
इसलिए जो लोग डिप्रेशन से परेशान है उन्हें नियमित रूप से Exercise करने की जरूरत है|
डिप्रेशन में योग करने से बहुत फायदा मिलता है| इसलिए रोज 15- 20 मिनट योग के लिए जरूर निकालें| और खास तौर पर ब्रेथ ( सांसों) से रिलेटेड प्राणायाम जैसे कि कपालभाती, अनुलोम विलोम, और भ्रामरी से डिप्रेशन कण्ट्रोल हो जाता है| इसलिए डिप्रेशन से पीड़ित लोगों को नियमित रूप से योगा जरूर करना चाहिए|
डिप्रेशन से बचने का और इससे उबरने का सबसे अच्छा तरीका ये है कि आप अपने आपको बिजी रखो| खाली बैठने से नेगेटिव थॉट्स मन में आते हैं और यह स्वाभाविक है| इसलिए अपने आपको किसी न किसी काम में व्यस्त रखो| काम करने से एक तो आपको कुछ बहुत इनकम भी होगी और दूसरा आप पॉजिटिव रहेंगे|
इसिलए भगवान् कृष्ण ने भी गीता में कहा है कि – “अकर्म पाप है”, और ये भी कि “कर्म करो एवं फल की इच्छा न करो”| ये दोनों बातें बहुत गहरी हैं! क्योंकि काम करने से सिर्फ पैसे ही नहीं मिलते बल्कि काम करने से हमारे विचार भी शुद्ध होते रहते हैं| और यदि हम किसी काम का चुनाव सिर्फ पैसे कमाने के लिए करते हैं तो शायद ही कभी हमें उस काम में सच्ची ख़ुशी मिले|
जो लोग ज्यादा बक – बक करते हैं, ज्यादा बोलते हैं उनको अक्सर लोग Criticize करते है| लेकिन उन लोगों में एक खास बात होती है कि वो कभी डिप्रेश नहीं होते| क्योंकि वो अपनी फीलिंग्स को एक्सप्रेस कर देते हैं| इसलिए फीलिंग्स को शेयर करने से गुरेज न करें| हर किसी के जीवन में कोई न कोई ऐसा शख्श जरूर होता है जिससे हम अपनी फीलिंग्स को शेयर कर सकते हैं|
और यदि कोई ऐसा शख्स नहीं है तो आप अपनी फीलिंगस को लिख सकते हैं| अपनी फीलिंग्स को लिखने से आप उन्हें शेयर भी कर लेते हैं| और आपके जज्बात पूरी तरह से सुरक्षित रहते हैं| क्योंकि डायरी/ नोट बुक हमारी ऐसी फ्रेंड है जो हमारी बाते किसी से भी शेयर नहीं करती| जब तक की हम स्वयं न चाहें|
रोज डायरी में अपनी दिनचर्या, फीलिंग, खास चीजें लिखना एक बहुत ही अच्छी आदत है| जो हमें कई तरह की मानसिक समस्याओं को समझने में हमारी Help करती है| क्योकिं जब आप अपने अन्दर चलने वाले विचारों पर ध्यान देने लगते हो तो आपके विचारों में Purification होने लगता है| और इस तरह से धीरे-धीरे आपके सारे नेगेटिव थॉट्स गायब हो जाते हैं| इसलिए डायरी लिखना डिप्रेशन के लिए बहुत फायदेमंद है|
जैसा कि सेरोटोनिन केमिकल के ठीक तरह से रिलीज़ होने से हम अच्छा महसूस करते हैं| इसलिए अपने खान- पान, एवं लाइफ स्टाइल में ऐसी चीजें सामिल करें जिनसे सेरोटोनिन ज्यादा रिलीज़ हो| और जब सेरोटोनिन ज्यादा रिलीज़ होगा तो आपका मूड भी अच्छा रहेगा|
नीचे दी गयी चीजों से सेरोटोनिन एसिड ज्यादा मात्रा में रिलीज़ होता है, जो कि हमारे मूड को अच्छा बनाता है|
हमारी लाइफ वैसी ही बन जाती है जैसे कि हमारा नजरिया, और हमारे सोंचने का ढंग होता है| इसलिए हमें अपना नजरिया बहुत सोंच समझकर बनाना चाहिए| क्योकिं हमारे दिमाग में बहुत सी ऐसी सुनी – सुनायी बातें भरी पडी होती हैं जिनका वास्तविकता से कोई रिलेशन नहीं होता| लेकिन यही बातें हमारे पैरों में बेड़ियों का काम करती हैं जो हमें आगे नहीं बढ़ने देतीं|
इसलिए हमें एक बेहतर नजरिये/ द्रष्टिकोण को विकसित करने के लिए अपनी लाइफ स्टाइल में कुछ परिवर्तन करने की जरूरत होती है| जैसे कि:
मुश्किलें सभी के जीवन में आती हैं लेकिन यदि हम उनसे मुकाबले के लिए तैयार होते हैं| तो वो मुश्किलें हमें कुछ सिखा के जाती हैं, वर्ना रुला के| एक बेहतर Purpose, एवं पॉजिटिव Attitude, हमारे जीवन को अर्थपूर्ण बनाता है| जहाँ पर मुश्किलें रूकावट नहीं बनती, बल्कि एक सीख बन जाती हैं| इसलिए अपना Attitude पॉजिटिव रखिये, फिर ये डिप्रेशन जैसी बीमारियाँ आपके आस- पास भी नहीं दिखेंगी|