Dust is Most Dangerous for Computer and Other Electronic devices[ Hindi]
नमस्कार दोस्तो कैसे है आप सब। क्या आप सभी ने कभी गौर किया है जब कम्प्यूटर नया होता है तो जल्दी हैग नही करता लेकिन ज्यो ज्यो पुराना होता जाता है त्यो त्यो वह स्लो होता जाता है और हैंग होने लगता है। जब ऐसा होता है तो हम लोग केवल हार्डडिस्क को ही दोष देते है, वायरस को दोष देते है|
लेकिन हम यह नही सोचते कि डस्ट या धूल भी कम्प्यूटर के स्लो होने का एक बहुत बडा कारण है। आज हम बात करेंगे कि कैसे धूल या डस्ट कम्प्यूटर को स्लो कर देता है। और इस प्रकार से आये हुये गडबडी को कैसे दूर करें। तो चलिये शुरु करते है।
जब कम्प्यूटर के अन्दर बहुत ज्यादा धूल आ जाते है। है तो हमारे कम्प्यूटर के पार्ट धूल के कारण गर्म होने लगते है। और कम्प्यूटर स्लो कार्य करने लगता है। इसको दूर करने के लिये हमें महिने में कम से कम एक बार तो सीपीयू के कैबिनेट को ओपन कर के वैक्यूम क्लहनर की सहायता से अच्छी तरह धूल को साफ कर देना चाहिये।
इसके साथ ही मेन प्रोसेसर के फैन को हीटसिंक के साथ से अलग कर उसे भी अच्छी तरह से साफ कर देना चाहिये। यदि हीट सिंक में भी धूल हो तो उसे भी वैक्यूम क्लीनर की सहयता से साफ करके पुनः सेट कर देना चाहिये। यदि आप डेस्कटाप की जगह लैपटाप का प्रयोग कर रहे है तो भी उसे सर्विस सेन्टर में ले जाकर उसके धूल को साफ करा देना चाहिये। ताकि उसका भी प्रोसेसर, रैम आदि आवश्यकता से अधिक गर्म ना हो सकें जिससे आपके कम्प्यूटर की स्पीड बनी रहे।
वैसे हम कितना भी कोशिश कर ले लेकिन धूल से प्रोसेसर को 100 प्रतिशत तक बचा नही पायेंगें लेकिन समय समय पर उसे साफ करके उसके लाइफ के साथ उसके स्पीड को भी बरकरार रख सकते है। प्रोसेसर का सबसे बडा दुश्मन धूल या डस्ट ही है। जहाॅ पर प्रोसेसर की मैन्यूफैक्चरिंग होता है। वहाॅ पर बनाये गये कमरे को लगभग 99 प्रतिशत धूल रहित बनाया जाता है। और वहाॅ के कमरो में धूल के उपलब्धता के आधार पर ग्रेड 10, गे्रड 100, ग्रेड 1000 आदि ग्रेड के आधार पर विभाजित किया जाता है।
चूकि माइक्रोप्रोसेसर की जब मैन्यूफैक्चरींग किया जाता है वहा पर यदि एक धूल की छोटा सा कण भी दिखाई दे तो वह प्रोसेसर के लिये एक पत्थर के जैसे होते है। और मैन्यूफैक्चरींग में एक धूल का कण भी आ गया तो माइक्रोप्रोसेसर खराब हो जायेगा। जब मैन्यूफैक्चरींग में धूल इतने बढे निगेटिव रोल में है। और प्रोसेसर के मैन्यूफैक्चरींग के बाद भी ये धूल प्रोसेसर के लिये खतरा बने रहते है।
धूल की वजह से हमारे कम्प्यूटर, रैम हार्डडिस्क सभी ओवर हीट होने लगते है। जिससे इसमें लगे इलेक्ट्रानिक सर्किट ठीक ढंग से कार्य नही कर पाते है। जिससे हम उनके क्षमता का पूरा उपयोग नही कर पाते है। और हमारा सिस्टम स्लो कार्य करने लगता है या हैंग होने लगता है।
हमें कम्प्यूटर ही नही वल्कि सभी इलेक्ट्रनिक उपकरणों को जितना हो सके उतना धूल से दूर रखना चाहिये क्योकि सभी प्रकार के इलेक्ट्रनिक उपकरणों में लगे सर्किट धूल की वजह से ओवर हीट होकर सही ढंग से कार्य नही कर पायेंगे।
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